दिल है आशना है, पता नहीं और क्या है,
दर्द है, फलसफा है, पता नहीं क्यों-क्या है ||
वो कॉलेज छोड़ना और लेने भी आना,
कोई फ़ोन मिस हो जाये तो देर तक पछताना,
किसी बात पे तेरी, घुस्सा ना होना, गर आये भी घुस्सा तो सिर्फ मुस्कुराना,
तेरी वो ज़िद और ज़िद को पुराना,
तेरी साथ की वो घडी और मचल सा जाना,
जो बात हो कोई तो तुझे ना बताना, फिर रूठे जो तू, तो तुझे फिर मानना,
प्यार था, इश्क था, या थी वो मोहोब्बत, जैसा
दर्द है, फलसफा है, पता नहीं क्यों-क्या है ||
वो कॉलेज छोड़ना और लेने भी आना,
कोई फ़ोन मिस हो जाये तो देर तक पछताना,
किसी बात पे तेरी, घुस्सा ना होना, गर आये भी घुस्सा तो सिर्फ मुस्कुराना,
तेरी वो ज़िद और ज़िद को पुराना,
तेरी साथ की वो घडी और मचल सा जाना,
जो बात हो कोई तो तुझे ना बताना, फिर रूठे जो तू, तो तुझे फिर मानना,
प्यार था, इश्क था, या थी वो मोहोब्बत, जैसा
भी था वो रूमानी ज़माना |
तुझे बिन देखे ना होती सुबह थी, बिन सुने डाट नींद आती कहाँ थी,
कहते थे 'भाभी' जब तुझे दोस्त मेरे, क्या बताऊ मैं झूम जाता था दिल मैं,
एहसास था वो, एक अलग ही समां था, तेरे साथ के लिए हितो मैं यहाँ था,
कैसे समझाऊ, ना शब्द ना जुबा है, ये बात तेरी-मेरी, और कुछ यहाँ है |
मेरे लिए तू, जब तक है जां,
तेरे लिए मैं, जब तक है जां,
रहना तू युही, हुर्दुम हमेशा. . .
चाहूंगा तुझे मैं, जब तक है जां, जब तक है जां, जब तक है जां ||
(मेहुल नेवासकर)
तुझे बिन देखे ना होती सुबह थी, बिन सुने डाट नींद आती कहाँ थी,
कहते थे 'भाभी' जब तुझे दोस्त मेरे, क्या बताऊ मैं झूम जाता था दिल मैं,
एहसास था वो, एक अलग ही समां था, तेरे साथ के लिए हितो मैं यहाँ था,
कैसे समझाऊ, ना शब्द ना जुबा है, ये बात तेरी-मेरी, और कुछ यहाँ है |
मेरे लिए तू, जब तक है जां,
तेरे लिए मैं, जब तक है जां,
रहना तू युही, हुर्दुम हमेशा. . .
चाहूंगा तुझे मैं, जब तक है जां, जब तक है जां, जब तक है जां ||
(मेहुल नेवासकर)
