कितना दर्द दिया इस जिंदगी ने मुझको,
अफ़सोस है मुझे, बदले मैं कुछ ना दे सका |
ठोकरे तो बहुत खाई मैंने इस सफ़र मैं,
मलाल ये रहा, की उनसे कोई सबक ना ले सका |
चलता रहा ये सोच कर की यही तकदीर है मेरी,
नासमझी थी ये, की बस सोचता ही रह गया |
मंजिल थी करीब पर मुझे ना ऐतबार था,
चंद कदमो से मैं, हार के रह गया ||
मेहुल नेवासकर | बयाना'
अफ़सोस है मुझे, बदले मैं कुछ ना दे सका |
ठोकरे तो बहुत खाई मैंने इस सफ़र मैं,
मलाल ये रहा, की उनसे कोई सबक ना ले सका |
चलता रहा ये सोच कर की यही तकदीर है मेरी,
नासमझी थी ये, की बस सोचता ही रह गया |
मंजिल थी करीब पर मुझे ना ऐतबार था,
चंद कदमो से मैं, हार के रह गया ||
मेहुल नेवासकर | बयाना'
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