डर लगता है अब सपने देखने से,
आँखे बंद करने से भी डर लगता है कभी-कभी,
खौफनाक, डरावनी और बेहद भद्दी सी आबो-हवा है आस पास,
मेरा मन स्थिर नहीं, इस आबो-हवा मैं ही रहता है, जिन्दा सा,
संघर्ष करना पड़ता है परिस्थितिया बदलने के लिए. . . जारी है |
मैं एक नैतिक, इमानदार, साफ़ और सच्चा आदमी हू,
पता है मुझे बहुत कम है मुझ जैसे,
इसीलिए डर लगता है मर जाने मैं भी. . . .
डर लगता है मुझे, डरने मैं भी,
ये बस आता है, जाता नहीं कभी,
जिंदगी, रास्ते और सफ़र चलता रहता है,
और मैं, डरता रहता हू, पता नहीं किस से ||
Mehul Newaskar | मेहुल नेवासकर
आँखे बंद करने से भी डर लगता है कभी-कभी,
खौफनाक, डरावनी और बेहद भद्दी सी आबो-हवा है आस पास,
मेरा मन स्थिर नहीं, इस आबो-हवा मैं ही रहता है, जिन्दा सा,
संघर्ष करना पड़ता है परिस्थितिया बदलने के लिए. . . जारी है |
मैं एक नैतिक, इमानदार, साफ़ और सच्चा आदमी हू,
पता है मुझे बहुत कम है मुझ जैसे,
इसीलिए डर लगता है मर जाने मैं भी. . . .
डर लगता है मुझे, डरने मैं भी,
ये बस आता है, जाता नहीं कभी,
जिंदगी, रास्ते और सफ़र चलता रहता है,
और मैं, डरता रहता हू, पता नहीं किस से ||
Mehul Newaskar | मेहुल नेवासकर
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